ना जाने क्यूँ बार बार वो चेहरा ख्यालों में आ जाता है,
ख्यालों में आके वो दिल में हलचल मचा जाता है,
सोचा था आसान होगा भुला देना उसे, ना आयेगी याद अब वो मुझे,
पर ना जाने क्यूँ दिल साला आज भी उसके याद में कहीं खो जाता है,
खता क्या हुई हमसे, क्यूँ राहें हुई अलग,
ना जान पाये हम, ना कभी मान पाये हम,
पर जो भी है, जैसा भी है, भुला देंगे तुमको सनम धीरे धीरे!
ख्यालों में आके वो दिल में हलचल मचा जाता है,
सोचा था आसान होगा भुला देना उसे, ना आयेगी याद अब वो मुझे,
पर ना जाने क्यूँ दिल साला आज भी उसके याद में कहीं खो जाता है,
खता क्या हुई हमसे, क्यूँ राहें हुई अलग,
ना जान पाये हम, ना कभी मान पाये हम,
पर जो भी है, जैसा भी है, भुला देंगे तुमको सनम धीरे धीरे!
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