मेरे दोस्त की पहली प्रतिक्रिया : "BULLSHIT" पर क्या सच में. शायद सही भी है क्यूंकि मैंने और हम दोस्तों ने Long Distance Relationships में इतनी problems देखें हैं की आज किसी भी दोस्त के दूर होते ही या फिर दुसरे शहर में जाते ही हमे वो रिश्ता निभाना मुस्किल लगने लगता है. जब तक हम साथ होते हैं तब तक हर पल हर वक़्त इतने साथ होते हैं की हमे एक दुसरे की आदत हो जाती है, साथ साथ घूमना फिरना, खाना पीना, आवारागर्दी करना वगैरह वगैरह . पर जैसे ही हम एक दुसरे से अलग होते हैं एक दुसरे से बात करने का बस एक सहारा रह जाता है और वो है फ़ोन. और आज की हमारी जिंदगी में आज जब हमारे पास खुद के Targets हैं जिन्हें हमे वक़्त में पुरे करने हैं, अपनी खुद की दिक्कतें हैं, क्या उस बिच में हम वो वक़्त निकाल पाते हैं की जिस रिश्ते को हम अलग होने से पहले जैसे निभा रहे थे उससे वैसे ही जारी रखें. मेरी नजर में शायद नहीं.
Saturday, August 28, 2010
Long Distance Relationships
मेरे दोस्त की पहली प्रतिक्रिया : "BULLSHIT" पर क्या सच में. शायद सही भी है क्यूंकि मैंने और हम दोस्तों ने Long Distance Relationships में इतनी problems देखें हैं की आज किसी भी दोस्त के दूर होते ही या फिर दुसरे शहर में जाते ही हमे वो रिश्ता निभाना मुस्किल लगने लगता है. जब तक हम साथ होते हैं तब तक हर पल हर वक़्त इतने साथ होते हैं की हमे एक दुसरे की आदत हो जाती है, साथ साथ घूमना फिरना, खाना पीना, आवारागर्दी करना वगैरह वगैरह . पर जैसे ही हम एक दुसरे से अलग होते हैं एक दुसरे से बात करने का बस एक सहारा रह जाता है और वो है फ़ोन. और आज की हमारी जिंदगी में आज जब हमारे पास खुद के Targets हैं जिन्हें हमे वक़्त में पुरे करने हैं, अपनी खुद की दिक्कतें हैं, क्या उस बिच में हम वो वक़्त निकाल पाते हैं की जिस रिश्ते को हम अलग होने से पहले जैसे निभा रहे थे उससे वैसे ही जारी रखें. मेरी नजर में शायद नहीं.
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nice post....
ReplyDeleteA Silent Silence : Paani Me Pade Aansu Ko..(पानी में पड़े आंसू को..)
Banned Area News : China asks airline to change name after plane crash